गीतों के अफ़साने (हिंदी आवृत्ती)
₹295.00
फिल्मों की कथावस्तु और गीतों के परस्पर मेल के अफ़साने
लेखक : डॉ. मृदुला दाढे
अनुवाद : चित्रा पिंपळे
एक ज़माना था जब गीत, हिंदी फिल्मों का अविभाज्य घटक हुआ करते थे। कुछ गीत तो फिल्मों की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी होते थे।
गीत जैसे कहानी का ही एक हिस्सा हुआ करते थे! ऐसे गीतों की रचना करते हुए, उन्हे संगीतबद्ध करते हुए और फिल्मांकन के समय ध्यान रखा जाता था कि किस तरह उन गीतों में कहानी का प्रतिबिम्ब दिखाई दे।
फिल्म-संगीत की अध्येता डॉ. मृदुला दाढ़े ने प्रस्तुत पुस्तक में उनके भाव-विश्व में समाए पंद्रह फिल्मों का समावेश किया है।
लेखिका मृदुला जी ने अपनी पारखी नज़र से फिल्म की कथावस्तु को सहारा देकर आगे बढ़ाते कई गीतों का फिल्म में स्थान, उन गीतों की सुंदरता और संगीत की दृष्टि से की विशेषताओं का विवेचन किया है।
प्रस्तुत पुस्तक में गीतकार की तरलता, संगीतकार की सृजनशीलता और निर्देशक की नज़र अधोरेखित की गई है।
रसिक पाठकों को उनके मन में बसे अनेक गीतों, कई अफसानों की छवि गीतों के इस रसग्रहण में दिखाई देगी।
फिल्म की कथावस्तु और गीतों के मेल की रसपूर्ण विवेचना… गीतों के अफ़साने !
















Reviews
There are no reviews yet.